रायपुर : सार्वजनिक वितरण प्रणाली अंतर्गत जिन राशन कार्ड सदस्यों का फिंगरप्रिंट काम नहीं करने के कारण ई-केवायसी नहीं हो पा रहा है, ऐसे सदस्यों की सूची तैयार की जा रही है. इस सूची के आधार पर इन सदस्यों को चेहरा प्रमाणीकरण सहित अन्य स्वीकृत विकल्प के जरिए उनका ई-केवायसी किया जाएगा. जिला प्रशासन ने इस संबंध में मंगलवार को आदेश जारी किया. इस आदेश के तहत अब सभी सार्वजनिक वितरण दुकानों को निर्देश दिए गए हैं कि जिन सदस्यों का केवायसी फिंगरप्रिंट के कारण नहीं हो पा रहा है, उसकी सूची तैयार करें.
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3.36 लाख सदस्यों का केवायसी होना बाकी
खाद्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार जिले में कुल 22 लाख 4 हजार 430 राशनकार्ड धारी सदस्यों में से 18 लाख 67 हजार 768 सदस्यों का ई-केवायसी पूर्ण हो चुका है, जबकि अभी भी 3 लाख 36 हजार 662 सदस्यों का ई-केवायसी होना शेष है. इन सदस्यों में ऐसे हजारों सदस्य हैं, जिनका फिंगरप्रिंट काम नहीं करने के कारण उनका केवायसी नहीं हो पा रहा है. ऐसे सदस्यों में ज्यादातर वृद्ध एवं 3 से 5 वर्ष के बच्चे भी शामिल हैं. इसके अलावा दिव्यांग तथा कठिन परिश्रम के कारण उंगलियों के फिंगरप्रिंट काम नहीं कर रहे हैं. ऐसे भी कई सदस्य है, जो अब तक केवायसी नहीं करा पार हैं.
मोबाइल एप के सर्वर में दिक्कत
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अंतर्गत सभी राशनकार्डधारी परिवारों के प्रत्येक सदस्य का आधार आधारित ई-केवायसी कराना अनिवार्य है. इसके लिए मोबाइल एप भी बनाए गए हैं, लेकिन इस एप के सर्वर में दिक्कत होने के कारण भी कई सदस्य केवायसी नहीं कर पा रहे हैं. हालांकि अफसरों का कहना है कि कभी-कभी सर्वर की समस्या रहती होगी, लेकिन एप के माध्यम से सदस्य घर बैठे आसानी से अपना केवायसी कर सकता है. इसके बाद भी अगर किसी तरह की परेशानी आ रही है, तो राशन दुकान या विभागीय कार्यालय में आकर इसकी जानकारी दे सकते हैं, जिसका निराकरण किया जाएगा.
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राशन दुकानों में एप के माध्यम से कराया जा रहा केवायसी
खाद्य विभाग ने छूटे हुए सदस्यों का केवायसी कराने के लिए सभी राशन दुकानों को निर्देश दिए हैं. इसके तहत इन दुकानों में छूटे हुए हितग्राहियों का मशीन के साथ मोबाइल एप के माध्यम से भी केवायसी किया जा रहा है. इस केवायसी में जिन सदस्यों का फिंगरप्रिंट काम नहीं कर रहा है, उन सदस्यों के नाम की सूची भी तैयार की जा रही है.
विभागीय अधिकारी के अनुसार राशनकार्ड में दर्ज कोई सदस्य मृत हो गया है या फिर विवाह के बाद अलग निवास कर रहा है, तो परिवार को आवश्यक दस्तावेजों के साथ संबंधित राशन दुकान या स्थानीय निकाय कार्यालय में जानकारी देकर नाम हटाने की प्रक्रिया पूर्ण करानी होगी, ताकि रिकॉर्ड को अपडेट किया जा सके.
